Sunday, June 24, 2018

सक्षम लोकपाल, किसानों को न्याय के मुद्दों पर 23 मार्च से शुरू होनेवाले दिल्ली आंदोलन के लिए राष्ट्रीय कोअर कमिटी गठन

भ्रष्टाचार को निपटने के लिए 2011 से लोकपाल लोकायुक्त कानून की मांग को ले कर एक शांतिपूर्ण आंदोलन किया गया। भ्रष्टाचार को रोखनेवाला एक सक्षम लोकपाल लोकायुक्त कानून बने यह जनता की अपेक्षा थी। जनसंसद के दबाव से, रामलिला मैदान के आंदोलन से कानून तो बन गया। लेकीन साढ़े तीन साल में उस पर अंमल नहीं हो रहा हैं। मोदी सरकारने चुनाव प्रचार के दौरान सक्षम लोकपाल लागू करने का आश्वासन अपने घोषणापत्र (Manifesto) में दिया था। उसका पालन तो नहीं हुआ, लेकिन लोकपाल कानून को और कमजोर किया गया। ऐसे स्थिती में भ्रष्टाचार को निपटने के लिए एक सक्षम लोकपाल कानून लागू हो, इसलिए फिर एक बार अन्ना हजारे दिल्ली में २३ मार्च, 2018 से आन्दोलन शुरू करेंगे।

भारत देश कृषिप्रधान कहां जाता हैं। लेकिन देश में किसानों की क्या स्थिति हैं? 22 साल में 12 लाख किसानों ने आत्महत्या की हैं। क्यों की, उन्हे कृषि उपज पर सही दाम नहीं मिलता। ‘नाच करें बंदर और माल खाए मदारी’ ऐसी किसानों की हालात हैं। यह अगर रोखना हैं तो, कृषि उपज पर डेढ़ गुना जादा दाम मिलना जरुरी हैं। सिर्फ खेती पर निर्भर 60 साल उम्र के किसानों को प्रतिमाह 5 हजार रुपया पेन्शन मिलनी चाहिए। स्वामिनाथन कमिटी कि रिपोर्ट पर अमल होंना भी आवश्यक हैं। लेकिन सरकार कुछ भी नहीं करना चाहती। ऐसे स्थिति में सत्याग्रह करना जरुरी हैं।

इसलिए 23 मार्च से दिल्ली में सत्याग्रह आंदोलन करने का निर्णय लिया गया हैं। आंदोलन के मुद्दों पर जनता को जगाने के लिए दो महिनों से पुरे देश में एक जनजागरण यात्रा जारी हुआ हैं। इस यात्रा के दौरान काफी संख्या में लोग आंदोलन को समर्थन दे रहें हैं। और काफी संख्या में सक्रीय कार्यकर्ता जुड़ रहें हैं।

इसलिए 23 मार्च से शुरू होनेवाले आंदोलन के नियोजन तथा संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समन्वय समिती (कोअर कमिटी) गठित की गयी हैं। जिस कार्यकर्ताओं नें प्रतिज्ञापत्र (Affidavit) दिया हैं कि वो कभी किसी पार्टी के साथ नहीं जायेंगे, चुनाव नहीं लडेंगे और अपना जीवन समाज और देश के लिए अर्पित करेंगे। ऐसे कार्यकर्ताओंने अपना कार्य परिचय़ (Biodata) दिया हैं। उसकी जाँच की गयी है। ऐसे कार्यकर्ताओं की जांच कर के उसमें से विश्वसनीय सक्रीय कार्यकर्ता जो समाज और देश के प्रति समर्पण देने के लिए तैय्यार है, ऐसे कार्यकर्ताओं को एक साल के लिए कोअर कमिटी में नियुक्त किया गया हैं। उन्हे नियुक्ती पत्र जारी किया गया हैं। जल्द ही उन्हे जन आंदोलन के पहचान कार्ड (Identity card) दिए जाएंगे।

पहले चरण में 20 प्रमुख कार्यकर्ताओं की कोअर कमिटी बनाई गई हैं। उसमें अक्षयकुमार (उड़िसा), कमांडर यशवंत प्रकाश (राजस्थान), कर्नल दिनेश नैन (दिल्ली), मनिंद्र जैन (दिल्ली), विक्रम टापरवाड़ा (राजस्थान), दशरथ कुमार(राजस्थान), करनवीर थमन (पंजाब),प्रविण भारतीय (उत्तर प्रदेश), सुनिल फौजी (उत्तर प्रदेश), गौरवकान्त शर्मा(उत्तर प्रदेश), राकेश रफिक (उत्तर प्रदेश),पी. एन. कल्की (उत्तर प्रदेश), सुशिल भट्ट(उत्तराखंड), भोपालसिंह चौधरी(उत्तराखंड), नवीन जयहिंद (हरियाणा),शिवाजी खेडकर (महाराष्ट्र), कल्पना इनामदार (महाराष्ट्र), राम नाईक(कर्नाटक), सेरफि फ्लॅगो (अरुणाचल प्रदेश), सुनिल लाल (उत्तर प्रदेश)  इन कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया हैं। अंत में कुल मिलाकर 40 से 50 सदस्यों की कोअर कमिटी बनेगी।

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